१:- स्त्री वर्ग संतापी, ईर्ष्यालु, मूर्ख, मत्सरी और बुद्घिहीन है।

प्रश्न: बौद्ध धर्म में क्या स्त्रीं वों से है कोई भेदभाव किया जाता है?

जी हा, होता है !

बौद्ध मत में नारी सम्बन्धी विचार ( साभार श्री कार्तिक अय्यर )

ये सब हमने बौद्ध मत के मान्य ग्रंथों से ही लिखा है, राहुल सांकृत्यायन, भदन्त आनंद  कौसल्यायन आदि आदि ने जो लिखा, वो हमने नकल कर दिया। यदि इनमें बुराई हो, तो बुराई का दोष उन ग्रन्थों का है. प्रकाशक लेखक अनुवादक आदि सभी बौद्ध हैं.

स्त्री वर्ग संतापी, ईर्ष्यालु, मूर्ख, मत्सरी और बुद्घिहीन है। 

(अंगुत्तरनिकाय चक्कतुनिपात) (Link)

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